Commelina benghalensis L. - COMMELINACEAE - Monocotyledon

कोमेलीना बेन्घालैनसिस


Synonymes :
Commelina cavaleriei H. Lév.

Common name : Dayflower, tropical spiderwort
Common name in Bengali : Dholpata, kanaibashi, kanai bashi, kanchira
Common name in Hindi : Kankaua

Habit - © Pierre GRARD - CiradBlue flowers - © Juliana PROSPERI - Cirad Fruits - © Pierre GRARD - CiradOpen capsules - © Pierre GRARD - Cirad Leaf - © Juliana PROSPERI - CiradRoots - © Pierre GRARD - Cirad Botanical line drawing - © -

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पर्यायवाची

कौमेलीना कावालीरीएच. लेव.

सामान्य नाम

डेफलावर, ट्रापीकल स्पाईडरवॉर्ट

बंगाली

धोलपाटा, कनाईवाशी, कानचीरा

हिन्दी

कनकाऊवा

ऊर्दू

 

व्याख्या

डेफलावर एक मांसल, रेंगती शाखाओं वाला, बहुवार्षिक (अयनवृत्त और उप अयनवृत्त) या वार्षिक (शीतोष्ण) गांठों से जड़ें निकालने में बहुत सक्षम शाक है। पौधा पहले रेंगने वाला और बाद में ४० से ५० सें॰ मी॰ ऊँचा उठता है। पत्ते क्रमवार और बालयुक्त समानान्तर नाड़ियाँ युक्त होते हैं। फूल नीले या बकायन (लाईलैक) होते हैं।

 

जीव विज्ञान (बायोलोजी)

डेफलावर एक वार्षिक (शीतोष्ण देशों) या बहुवार्षिक (अयनवृत्त में) शाक है। यह दाब लगाकर आसानी से उत्पन्न किया जा सकता है। परन्तु बीज से भी इसे उत्पन्न किया जा सकता है। एक पौधा १६०० तक बीज उत्पन्न कर सकता है।

 

पारिस्थितिकी (इकोलॉजी) एवं वितरण

पुराने विश्व का अयनवृत्त क्षेत्र डेफलावर का उद्गम स्थान कहा जाता है। हालांकि यह दक्षिणी अफ्रीका और भारत तथा शीतोष्ण स्थानों में भी फैला हुआ है। यह दक्षिणी और दक्षिणी-पूर्वी एशिया के देशों में ऊँची भूमि में उगने वाले धान में पाया जाता है। यह समुद्री सतह से १००० मीटर तक होती है और उपजाऊ तथा ज्यादा नमी वाली मिट्टी में धूप वाले या हल्की छाया में सबसे अच्छा बढ़ता है। यह दोमट, रेतीली या पथरीली मिट्टियों में स्थिरता से उग सकता है।

 

कष्टक प्रभाव (न्यूसीवीलाईट)

डेफलावर फसलों, घास वाली जगहों, सड़क के किनारों और बेकार पड़ी जगहों का खरपतवार है। धान और अन्य निचली भूमियों पर उगाई जानी वाली फसलों में यह पानी में भी बढ़ सकता है। तथा बहुत अधिक जड़ें उत्पन्न करता है। चरागाहों में यह अपना प्रभुत्व जमा सकता है। यह दक्षिणी अफ्रीका के साथ-साथ भारत, श्रीलंका, बंगलादेश और दक्षिण-पूर्वी एशिया के कई देशों में एक समस्या है।

 

खरपतवार प्रबन्धन

कर्षण विधि

इस पर जुताई से नियन्त्रण करना विशेषकर मुश्किल है क्योंकि पौधे के तने और जड़ों के टुकड़े बहुत जल्दी जड़ें पकड़ लेते हैं। हाथ से निकालते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि इसे पूर्णता जड़ों से उखाड़ा जाए।

जैविक

इस खरपतवार के बहुत कम प्राकृतिक दुश्मन हैं और इनमें केवल दो एगरोमाई जड़ पर्ण सुरंगी जो अमेरिका में पाये जाते हैं आशाजनक लगते हैं (अमाडरोमाईजा जाति ओर लीरिओमाईजा कौमेलीनी, डिपटेरा के परिवार से)

रासायनिक

उगने से पहले ब्यूटाक्लोर की १. से . किलोग्राम मात्रा प्रति हैक्टेयर डालने से इसका अच्छा नियन्त्रण पाया गया है। उगने के १० दिन बाद इसे नियन्त्रित करने के लिए प्रोपैनिल कि॰ग्रा॰/है॰ या २० से ३० दिन बाद ,-डी॰ ५००ग्रा/है॰ या आलमिक्स (क्लोरिम्यूरौन + मेटसल्फ्यूरॉन) ग्रा॰/है॰ की दर से क्षमताशाली है। थायोबेनकार्प से कि॰ग्रा॰/है॰ या ,-डी॰ प्रोपैनिल के साथ मिलाने से इनकी नियन्त्रण क्षमता बढ़ जाती है

 

वनस्पति विज्ञान (बॉटनी)

स्वभाव

रेंगनेवाला वार्षिक या बहुवार्षिक शाक, तथा रेंगता हुआ जो ५० सें॰ मी॰ तक ऊँचा उठता है। शाखाओं वाला, गांठों से जड़ें निकालने तथा पैबन्दों में उगने वाला।

जड़ें

सफेद धागेदार जड़ें, गुच्छों में, मिट्टी से लगे हुई गांठों पर भी विद्यमान।

तना

भूमि से उठे हुए तने बेलननूमा, मोटे और हल्के रोमिल। भूमिगत तने सफेद, आवश्यक रूप से उपजाऊ और तनों से पतले।

पत्तियाँ

सादी क्रमवार, अण्डाकार से भालाकार, बालयुक्त हल्की हरी, अधिकतम सें॰ मी॰ लम्बी और सें॰ मी॰ चौड़ी, समानान्तर नाड़ियों युक्त, मूल डण्ठल में संकुचित। डण्ठल . सें॰ मी॰ लम्बे, पत्ती की मियान झिल्लीनुमा, बेलननूमा लम्बे लाल बाल युक्त। रोवांयन अस्थिर, पटल के किनारों पर अधिक आवश्यक

(छोटे एक कोशिकीय बाल और छिलके . मि॰ मी॰ )

पुष्पक्रम (इनफलोरिसैन्स)

सहपत्र से फूलों (स्पेथ) के नीचे फैले, मूल में जुड़े हुए, कीप के आकार के लगभग . सें॰ मी॰ लम्बे और चौड़े छोटे डण्ठल युक्त, स्पेथ की बाहरी सतह पर सफेद रोवें। पहला फूल लम्बे डण्ठल युक्त, तथा शेष डण्ठल रहित। फूल लाइलैक या नीले, पार्श्व पंखुड़ियां प्रत्यक्ष और गोलाकार तथा बीज में एक बहुत छोटी। पौधे पर सफेद, मांद बनाने वाले प्रकंद जो भूमि के भीतर से फूल और बीज उत्पन्न कर सकते हैं। छोटी फूल डण्ठल जो स्पेथ के किनारों से ऊपर नहीं निकलती। इसे दूसरे नीले फूल वाली जातियों से अलग करती है। हल्के रंग की और पत्ती की मिथान पर लाली लिए हुए भूरे रोवें। दोनों तरह के फूल द्विलिंगीय और स्वपरागणीय।

फल

कैप्सूल भाग वाला ( पहिले के लोब्ज स्फुटक छोटे बीज युक्त, बाद वाला लोब अस्फुटक एक बीज युक्त) हवाई स्पेथ द्वारा से फल, भूमिगत स्पेथ द्वारा केवल एक फल।

बीज

कैप्सूल द्वारा बीज। गहरा भूरा, दीर्घ वृत्ताकार, कतरा हुआ। छोटे . मि॰ मी॰  लम्बे, सबसे बड़ा एक मि॰ मी॰  लम्बा।

पौद् (सीडलिंग)

पहले पत्ते अण्डाकार, सें॰ मी॰ लम्बे और सें॰ मी॰ चौड़े, मूल दुर्बल होते हुए डण्ठल में बदलता हुआ। ऊबड़-खाबड़ किनारे, रोमिल पटल और समानान्तर नाड़ियाँ।

 

टिप्पणी

हालांकि फसलों का एक खरपतवार, डे फलावर इण्डोनेशिया और फिलीपिन्ज में चारे के पौधे के यप में उपयोग में लाया जाता है। इसके पत्ते मनुष्य के भोजन के लिए संक्रामक जख्म के लिए दवाई, बांझपन का उपचार करने और जले हुए के लिए लेसदार परत, दुःखदायी आंखों और गले के उपचार के लिए प्रयोग में लाए जाते हैं।

कौमेलीना बेन्धालैनसिस को पत्ते की मियान के किनारों पर लाल रोवें, सुराहीनूमा सहपत्रों, जुड़े और रोवेंदार तथा डण्ठलरहित फूल कौमेलीना डीफ्यूसा से अलग करते हैं।

 

संदर्भ

-    मरलीयर एच., मोन्टेगर जे. १९८२ एडवेन्टाईसिज ट्रॉपीकेल्ज। फ्लोरे आक्स स्टेडज प्लान्टयूल एट एडल्टे की १२३ एसकेसिज अफ्रीकेन्ज आफ पैन्ट्रॉपीकेल्ज। ओरस्टोम, सीराड-जरडैड, एन्स। नौनटेपेलियर, फ्रांस।

-    होल्म एल.जी., फ्लक्नेट डी॰ एल., पान्चो जी. वी., हरबरगर जे.पी. १९९१ वर्ल्डज वॉर्सट वीडज। डिस्ट्रीब्यूसन एण्ड बायोलोजी। ईस्ट-वेस्ट सेन्टर वाई यूनिवर्सिटी प्रैस। हवाई।

-    वाटर हाऊस डी॰ एफ. १९९४ वायोलोजिकल कन्ट्रोल ऑफ वीडज: साऊथ ईस्ट एशियन प्रौस्पेक्टस। सी आई आर मोनोग्राफ नम्वर २६, ३०२ पी. पी.


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